Home सियासी गलियारा Rajasthan : बाड़ाबंदी के बीच ही 2 विधायकों की बिगड़ी तबियत, जांच करने होटल पहुंचे डॉक्टर

Rajasthan : बाड़ाबंदी के बीच ही 2 विधायकों की बिगड़ी तबियत, जांच करने होटल पहुंचे डॉक्टर

by sikarnews
Rajasthan : बाड़ाबंदी के बीच ही 2 विधायकों की बिगड़ी तबियत

Rajasthan में सियासी घमासान के बीच अब एक बेहद ही चिंताजनक खबर सामने आई है. पिछले 22 दिनों से अशोक गहलोत के कांग्रेसी विधायक और सचिन पायलट के बागी विधायक अलग अलग जगह पर होटलों में ठहरे हुए है. अब चिंता की खबर यह है कि इनमें से हाल ही में 2 विधायकों की तबियत बिगड़ गई हैं.

Rajasthan : बाड़ाबंदी के बीच ही 2 विधायकों की बिगड़ी तबियत
राजस्थान का सियासी घमासान

जैसलमेर पहुंचे गहलोत सरकार के समर्थक विधायक

अशोक गहलोत यानी सत्ता पक्ष के विधायक पिछले काफी दिनों से जयपुर के फेयरमाउंट होटल में ठहरे हुए थे लेकिन अब उन्हें जैसलमेर जिले में शिफ्ट कर दिया गया है. इन विधायकों को जैसलमेर के सूर्यागढ़, रंगमहल और गोरबंद होटलों में ठहराया गया है. जहां पर 2 विधायकों की तबियत बिगड़ चुकी हैं.

इन 2 विधायकों की बिगड़ी तबियत

जैसलमेर के सूर्यागढ़ होटल में ठहरे सत्ता पक्ष या गहलोत सरकार के समर्थक विधायक – बाबूलाल नागर और गुरमीत सिंह की तबियत काफी बिगड़ गई हैं. कोरोना महामारी के बीच इन विधायकों की तबियत खराब होने पर एक बारगी तो विधायकों के खेमे में हड़कंप मच गया. तुरंत ही आनन फानन में डॉक्टरों की एक टीम होटल में ही जांच करने के लिए बुलाई गई. खबरों के अनुसार रेवता राम पवार ने विधायकों की जांच की है.

यहाँ ठहरे हुए है पायलट समर्थक विधायक

अशोक गहलोत और सचिन पायलट के झगड़े के कारण राजस्थान सरकार के विधायक भी दो गुटों में बट गए है. एक और गहलोत समर्थक विधायक जैसलमेर के होटलों में हैं वहीं बागी विधायकों को सचिन पायलट ने rajasthan में दिल्ली के नजदीकी शहरों में स्थित होटलों में ठहराया हुआ है.

Rajasthan सियासत और घमासान

राजस्थान की सियासत काफी चरम सीमा पर पहुंच गई है. अपने विधायकों को खरीद फरोख्त से बचाने के लिए गहलोत पिछले 22 दिनों से कोई कसर नहीं छोड़ रहे हैं. गहलोत का मकसद है विधानसभा सत्र शुरू होने तक विधायकों को अपने साथ जोड़े रखना जिससे उनकी सरकार को कोई नुकसान नहीं हो. इसके लिए वो विधायक मंडली का स्थान भी समय समय पर बदल रहे है.

14 अगस्त तक जारी रहेगा विधायकों का सियासी पर्यटन

आपको बता दे कि पूरे राजस्थान में पिछले 22 दिनों से कोई सरकार नहीं है. सभी अपना बहुमत पेश करने में लगे हुए हैं. 14 अगस्त को विधानसभा सत्र शुरू होने जा रहा है ऐसे में तब तक विधायकों का सियासी पर्यटन जारी रहेगा. इसी बीच बागी गुट के विधायकों को वापस कांग्रेस में मिलाने का प्रयास भी अशोक गहलोत कर रहे हैं.

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सबकी नजर सीपीएम विधायकों पर

इसी सियासी घमासान के बीच कांग्रेस सरकार ने सचिन पायलट को rajasthan के उपमुख्यमंत्री और कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष के पद से भी हटा दिया था जिस वजह से कांग्रेस समर्थक विधायक 2 गुटों में बंट गए थे. दोनों गुट सीपीएम के विधायकों को अपने पक्ष में लेने के लिए भागदौड़ कर रहे हैं.

विधायकों की गणित

राजस्थान में कुल 200 विधायक है और विधानसभा में 101 विधायकों के समर्थन की जरूरत है. विधायक बलवान पूनियां ने कुछ समय पहले कांग्रेस के पक्ष में मतदान करने की बात कही थी लेकिन इस समय वो जयपुर या जैसलमेर में कांग्रेसी विधायकों की बाड़ेबंदी में शामिल नही हुए है.

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ऐसे में कांग्रेस सरकार के गिरने का खतरा और भी ज्यादा बढ़ गया है क्योंकि यदि बलवान जी कांग्रेस के पक्ष में मतदान नहीं करते है तो गहलोत सरकार के पास केवल 99 विधायक ही रह जाएंगे. मंत्री और विधायक मास्टर भंवरलाल इतने बीमार हैं कि विधानसभा में मतदान नहीं कर सकते हैं, फिलहाल उनका मत किसी कैंप में नहीं है. अब 14 अगस्त को देखना है कि rajasthan विधानसभा सत्र में किस पार्टी को बहुमत मिलता है.

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