Home सीकर स्पेशल मानसून 2020 को लेकर राजस्थान के इन जिलों में अलर्ट, भारी बरसात की हैं आशंका

मानसून 2020 को लेकर राजस्थान के इन जिलों में अलर्ट, भारी बरसात की हैं आशंका

by sikarnews

बारिश की कमी से जूझ रहे राजस्थान के किसानों के लिए सावन का महिना थोड़ी राहत लाया है. सावन का महिना शुरू होते ही प्रदेश में मानसून 2020 का भी आगमन होने लगा है. पूरे राज्य में तेज हवाएं और बारिश ने किसानों के चेहरे पर खुशियाँ ला दी है. मौसम विभाग ने भी भविष्यवाणी कर दी है की बुधवार से अगले 3 दिनों तक बारिश होगी. लेकिन इसी के साथ ही विभाग ने कई जिलों के लिए भारी बारिश का अलर्ट भी जारी कर दिया है.

मौसम विभाग ने बुधवार को चेतावनी जारी करते हुए बताया कि राजस्थान के करौली, सवाई माधोपुर और धोलपुर में मानसून के बादल भरी बारिश करेंगे. मौसम विभाग के भविष्यवाणी करते ही इसका असर भी दिखना शुरू हो गया है. पूरे राजस्थान के लगभग जिलों में मानसून के बादल छाये हुए है और तेज गर्जना और बिजली चमकने के साथ बरस सकते हैं.

इन जिलों में बरसेंगे मानसून 2020 के मेघा

मौसम विभाग ने करौली, सवाई माधोपुर और धोलपुर में तो भारी बारिश का अलर्ट जारी कर ही दिया है लेकिन इसी के साथ बताया की बुधवार को प्रतापगढ़, राजसमन्द, कोटा और झालावाड में भी तेज बारिश होगी. सीकर, राजसमन्द, कोटा, भरतपुर, झुंझुन और जयपुर में अगले दो दिन में मानसून 2020 के बरसने की संभावना मौसम विभाग ने बताई है. सीकर जिले में दोपहर से ही आसमान बादलों से अटा पड़ा है जिससे धूप भी गायब हो गई है.

बादलों की आवाजाही को देखते हुए लगता है कि देर रात तक सीकर और आसपास के इलाकों में हल्की बारिश हो सकती है. इसी के साथ ही सीकर समेत आस पडोस के जिलों में गुरुवार और शुक्रवार को भारी बारिस हो सकती है. बुधवार शाम 5 बजे से सीकर जिले के कई इलाकों में हल्की बूंदाबांदी भी शुरू हो गई है. इसी के साथ सर्द हवाओं ने भी जोर पकड़ लिया है.

मानसून 2020 में छाये बादल

किसानों के लिए अमृत है ये बारिश

राजस्थान वैसे तो सुखा प्रदेश कहलाता है लेकिन इस बार मानसून 2020 की यह बारिश किसानों के लिए अमृत के समान है. आपको बता दे की बारिश के पानी में नाइट्रोजन की काफी मात्रा होती है और फसलों के लिए जीवनदान होती है. इस बारिश से भूमि में नाइट्रोजन की मात्रा बढ़ेगी जिससे इस बार पैदावार भी अच्छी होगी.

मौसम विभाग ने इस बार बुधवार, गुरुवार और शुक्रवार ओर भी भारी बारिश होने के आसार बताये हैं. राजस्थान में इस बार मानसून की यह बारिश थोड़ी लेट जरूर है लेकिन इससे उत्पादन में भी काफी व्रद्धि होगी. इस बारिश के साथ ही आवारा पशुओं के लिए भी घास और चारा भी उगने लग जायेगा. कुछ समय पहले बोये गए बाजरे की फसल के लिए भी यह बरसात बेहद लाभदायक है.

टिड्डियों के कहर के बीच मिली राहत

राजस्थान में एक और जहां किसानों पर टिड्डी दल का संकट मंडरा रहा है वहीं दूसरी और बारिश न होने का खतरा भी किसानों को काफी सता रहा था. आपको बता दे की पिछले काफी दिनों से राजस्थान के चुरू, सरदार शहर, सीकर, नागौर, जयपुर और झुंझुनूं जिले में पाकिस्तान से आई टिड्डियों ने काफी आतंक मचा रखा है. लगभग 10 किलोमीटर लंबे और 5 किलोमीटर चौड़े कई दल इन जिलों में किसानों की फसलों को चौपट कर रहे है. सरकार की तरफ से भी अब इन टिड्डियों के लिए कीटनाशक का छिड़काव करवाया जा रहा है जिससे थोड़ी राहत मिलती है.

सीकर जिले में बुधवार को लगभग 15 किलोमीटर लंबे दल ने जिले के गांव किरडोली, रशीदपुरा, खूड़ी से लेकर फतेहपुर की तरह उड़ान भरी है. इस दाल में कई करोड़ो की संख्या में टिड्डियाँ थी जो अगर एक बार भी 2 मिनट के लिए फसल पर बैठ गई तो सारी फसल को नष्ट कर देती है.

  

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